लम्पट, गुण्डा और दङ्गाई : नेहा बोरा की भाषा के निहितार्थ
ऐसा नहीं है कि मार्क्सवाद बेकार की विचारधारा है। मार्क्सवाद में बहुत कुछ काम का है, पर मार्क्सवादी अभी भी
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पूरा पढ़ें...सही कहूँ तो दो-तीन साल पहले जब से मेरा ध्यान जस्टिस गवई पर गया है, तब से ही मुझे उनका
पूरा पढ़ें...कल्पना कीजिए कि नरेन्द्र मोदी जैसे ताक़तवर नेता को अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान या किसी भी अन्य मुस्लिम राष्ट्र की नागरिकता देकर
पूरा पढ़ें...दिलचस्प है कि बाँग्ला देश में हिन्दुओं के साथ जो हो रहा है, उसके ख़िलाफ़ मुसलमानों का एक तबक़ा तो
पूरा पढ़ें...अपने हिसाब से अपनी नज़र में वे ठीक ही कर रहे थे। उन्हें सिखाया गया था कि इस्लामबहिः लोगों को
पूरा पढ़ें...बिना उनसे मिले विश्वास करना कठिन था कि वे इतने अहङ्कार शून्य भला कैसे हो सकते थे। मुझे भी दस-बारह
पूरा पढ़ें...सच—एक इस दुनिया में सबसे बड़ी चीज़ है भाग्य। आपने ख़ुद को नहीं बनाया, न मैंने ख़ुद को बनाया…असल में
पूरा पढ़ें...रामराज्य का सपना देखने से रामराज्य नहीं आ जाएगा। रामराज्य लाना है तो वह करना पड़ेगा, जो रामराज्य में होता
पूरा पढ़ें...हरिलाल को हिन्दू धर्म में वापस लाने कोशिश आर्यसमाजियों ने की और कस्तूरबा गान्धी की इसमें विशेष भूमिका रही। यह
पूरा पढ़ें...आपने अपने आपको नहीं बनाया, आपकी ज़िन्दगी की डोर आपके हाथों में नहीं है, आपमें तो दरअसल इस बात तक
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