Author: सन्त समीर

अपनी हिन्दीधर्म-संस्कृति-समाज

जब गालियाँ भाषा बनने लगें

जन्तर-मन्तर पर छात्र आन्दोलन में सुनाई दी गालियों से उठे सवाल से शुरू होकर यह लेख बदलती भाषा, अपशब्दों के बढ़ते चलन और भाषा के साथ बदलते सामाजिक संस्कारों की पड़ताल करता है।

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अपनी हिन्दीधर्म-संस्कृति-समाज

स्त्री को ‘औरत’ बोलना बन्द कीजिए!

अरब की संस्कृति में नारी, स्त्री या महिला एक जननाङ्ग भर है। वैसे ‘जननाङ्ग’ भी नहीं कहना चाहिए, क्योंकि संस्कृत

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सिनेमासिनेमा

प्रोपेगैण्डा बनाम सिनेमा : ‘धुरन्धर-2’ की परतें

फ़िल्मवाले कितने भी समझदार बन जाएँ, पर अन्त में अपनी मूर्खता दिखा ही देते हैं। फ़िल्म के अन्त में लिखा

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देश-दुनियाधर्म-संस्कृति-समाजविमर्श

कलमा पढ़वाकर मारने के पीछे का सच!

इस्लाम शुरुआत से ही युद्धरत रहा है, तो इसमें धर्म-परिवर्तन के लिए सहमति से आगे बढ़कर मारकूट और छल-छद्म का

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धर्म-संस्कृति-समाज

‘ईश्वर-अल्ला तेरो नाम’ का सच!

आज़ादी के बाद जिन मुसलमानों ने मुसलमानों की तुलना में हिन्दुओं के साथ ज़्यादा सुरक्षित महसूस करते हुए पाकिस्तान जाने

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